WTC Final से पहले टेस्ट चैंपियनशिप में बड़े बदलाव की तैयारी, ICC के फैसले से हो जाएंगी कई टीमें खुश

WTC Final से पहले टेस्ट चैंपियनशिप में बड़े बदलाव की तैयारी, ICC के फैसले से हो जाएंगी कई टीमें खुश

भारत और न्यूजीलैंड के बीच 18 जून से साउथैंप्टन में आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल खेला जाएगा. इसके साथ ही टेस्ट क्रिकेट के पहले वर्ल्ड कप का समापन होगा. इस फाइनल से पहले ही टेस्ट चैंपियनशिप के भविष्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं और अभी तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की ओर से इस पर कोई फैसला नहीं हुआ है. मौजूदा टेस्ट चैंपियनशिप के पॉइंट्स सिस्टम पर कई टीमों के सवाल उठने के कारण भी इस टूर्नामेंट को लेकर संशय बरकरार था. अब आईसीसी इसे जारी रखने के लिए प्रयास कर रही है और इस दिशा में सबसे बड़ा बदलाव पॉइंट्स सिस्टम में आने जा रहा है. आईसीसी के अंतरिम मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) ज्यॉफ अलार्डिस ने कहा है कि अगली चैंपियनशिप में हर टेस्ट के लिए समान पॉइंट्स सिस्टम लाया जा सकता है.

2019 से शुरू हुए टेस्ट चैंपियनशिप करे पहले चक्र में हर टेस्ट सीरीज के लिए 120 पॉइंट्स तय किए गए थे. इसके तहत एक सीरीज में जितने भी टेस्ट खेले जाते, उनको 120 पॉइंट्स में बांट दिया जाता. मसलन, भारत-बांग्लादेश के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए हर मैच के 60 पॉइंट्स थे, जबकि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली गयी चार मैचों की सीरीज में हर मैच के लिए अधिकतम 30 पॉइंट्स जीतने वाली टीम को मिले. पॉइंट्स सिस्टम में ऐसी विसंगति को लेकर कई खिलाड़ी आपत्ति जता चुके हैं.

यही कारण है कि टेस्ट चैंपियनशिप को आगे जारी रखने, इसे सबके लिए समान बनाने और इसमें रोमांच बनाए रखने के लिए आईसीसी टूर्नामेंट के दूसरे चक्र में पॉइंट्स सिस्टम में बदलाव करने पर विचार कर रही है. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, अलार्डिस ने कहा, “हमने इस चक्र को आखिर तक देखा है और दूसरा चक्र डेढ़ महीने में शुरू हो रहा है. ऐसे में अंक प्रणाली में कुछ बदलाव होंगे. हम हर टेस्ट मैच के लिए पॉइंट्स का एक मानक तय कर सकते हैं, ताकि इससे कोई फर्क नहीं पड़े कि यह दो मैचों की टेस्ट सीरीज है या पांच टेस्ट मैचों सीरीज है. ऐसे में खेले जाने वाले प्रत्येक मैच के लिए समान अंक उपलब्ध होंगे. हर टीम को हालांकि कुल अंकों की जगह उसकी जीत के अंक प्रतिशत के आधार पर आंका जाएगा.’’

हालांकि, अलार्डिस ने कहा कि कोविड-19 मौजूदा टेस्ट चैंपियनशिप के दौरान कोरोनावायरस से कैलेंडर बुरी तरह प्रभावित रहा और ऐसे में भारत-न्यूजीलैंड का फाइनल सभी चीजों को ध्यान में रखते हुए एक उचित परिणाम है. उन्होंने कहा, “इस चक्र के दौरान यह साफ हो गया था कि कोरोना वायरस महामारी के कारण कोई भी टीम छह सीरीज पूरी नहीं कर पायेगी. चूंकि हमारे पास असमान संख्या में सीरीज खेलने वाली टीमें थी, इसलिए हमने अंक प्रणाली में लचीलापन लाने और इसे यथासंभव निष्पक्ष बनाने बनाये रखने को यह सुनिश्चित किया उसमें उन मैचों का जिक्र हो जो हमने खेले थे ना कि उन मैचों का जिसका आयोजन नहीं हो सका था.”

ये भी पढ़ेंः इंग्लैंड के खिलाफ डेब्यू करने वाले खिलाड़ी ने विराट कोहली को चेताया- WTC Final में झेलनी होगी ये चुनौती