WTC Final से ठीक पहले इस तेज गेंदबाज ने लिया संन्‍यास, कोरोना संक्रमण के बाद कई बीमारियों से घिर गया था

zimbabwe fast bowler kyle jarvis retires from all cricket just before wtc final 2021

एक तरफ विराट कोहली की अगुआई में भारत और केन विलियमसन की कप्‍तानी में न्‍यूजीलैंड की टीमें आईसीसी वर्ल्‍ड टेस्‍ट चैंपियनशिप का खिताबी मुकाबला खेलने के लिए मैदान में उतरने को बेताब हैं. तो दूसरी ओर टेस्‍ट क्रिकेट के इस सबसे बड़े मैच से ठीक पहले एक तेज गेंदबाज ने अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट से संन्‍यास (International Cricket Retirement) का ऐलान कर दिया है. इस खिलाड़ी को हाल ही में कोरोना वायरस (Coronavirus) ने अपनी चपेट में ले लिया था और उसके बाद कई अन्‍य बीमारियों ने भी उसे अपनी जद में ले लिया. आखिर अपने देश के लिए 13 टेस्‍ट, 49 वनडे और 22 टी20 मैच खेलने वाले इस खिलाड़ी ने अपने करियर को यहीं पर विराम देने का फैसला किया. इस खिलाड़ी का नाम काइल जारविस (Kyle Jarvis) है. जारविस ने अपने अंतरराष्‍ट्रीय करियर का आगाज 12 अक्‍टूबर 2009 को किया था.

काइल जारविस ने जिम्‍बाब्‍वे (Zimbabwe Cricket Team) के लिए 13 टेस्‍ट मैचों में 46 बल्‍लेबाजों का शिकार किया तो 49 वनडे मुकाबलों में 58 विकेट अपने खाते में डाले. वहीं 22 टी20 मैचों में उनके नाम 28 विकेट दर्ज हुए. जारविस को जिम्‍बाब्‍वे के सबसे तेज गेंदबाजों में शुमार किया जाता है. वो 140 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से गेंदबाजी करते थे. उन्‍हें इसी साल फरवरी में कोरोना संक्रमण हुआ था, जिसके बाद मलेरिया और लगातार रहने वाले बुखार ने भी उनकी परेशानी बढ़ा दी. तब उन्‍होंने कहा था कि वो छह महीने तक क्रिकेट खेल नहीं सकेंगे. उन्‍होंने अपना आखिरी टेस्‍ट जनवरी 2020 में श्रीलंका के खिलाफ खेला था.

पैसों के लिए जिम्‍बाब्‍वे से नाता तोड़कर काउंटी क्रिकेट का दामन थामा

17 जून को प्रेस कांफ्रेंस में अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट से संन्‍यास का ऐलान करते हुए काइल जारविस ने कहा, पिछले साल की शुरुआत में श्रीलंका के खिलाफ टेस्‍ट मैच के दौरान मेरी कमर चोटिल हो गई थी. मैंने वापसी के लिए खूब कोशिश की और जब मैं इसके लिए तैयार हुआ तभी मुझे बीमारियों ने घेर लिया. इसी अनिश्चितता के बीच ही मैंने ये महसूस किया कि मुझे क्रिकेट की बाद की जिंदगी के बारे में सोचना चाहिए. ऐसा नहीं है कि मैंने क्रिकेट के मैदान पर वापसी के बारे में नहीं सोचा, लेकिन मुझे कुछ भी सोचना ही था. हालांकि साल 2013 में जारविस ने आर्थिक तंगी के चलते जिम्‍बाब्‍वे टीम को छोड़कर काउंटी टीम लंकाशायर का दामन थाम लिया था. अपने प्रदर्शन से उन्‍होंने खुद को बेहद अहम खिलाड़ी साबित किया. लंकाशायर से करार के चलते उन्‍हें 2015 वर्ल्‍ड कप से बाहर रहना पड़ा. सितंबर 2017 में उन्‍होंने लंकाशायर से डील खत्‍म कर जिम्‍बाब्‍वे के लिए फिर से अंतरराष्‍ट्रीय क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया.

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