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भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा रह चुके तेज गेंदबाज शांताकुमार श्रीसंत ने कहा है कि टीम के पूर्व मेंटल कंडिश्निंग कोच पैडी अप्टन को उनके कार्यकाल में कई खिलाड़ियों द्वारा सम्मान नहीं दिया जाता था। अप्टन को 2008 में भारतीय टीम का मेंटल कंडिश्निंग कोच चुना गया था।

पूर्व कोच गैरी कर्स्टन और अप्टन के मार्गदर्शन में ही भारतीय क्रिकेट टीम 2009 में टेस्ट रैंकिंग में पहली बार नंबर 1 बनी थी। इसके बाद टीम ने उनके मार्गदर्शन में 2011 में वर्ल्ड कप जीता था। 2007 टी वर्ल्ड कप और 2011 विश्व कप विजेता भारतीय टीम का हिस्सा रहे श्रीसंत ने हेलो ऐप पर कहा, ‘टीम में कई खिलाड़ी पैडी अप्टन का सम्मान नहीं करते थे। वह बड़े खिलाड़ी नहीं थे। लेकिन मेरी उनके साथ अच्छी बातचीत होती थी।’

आईपीएल राजस्थान रॉयल्स (RR) के कोच रह चुके अप्टन ने हाल में अपनी एक आत्मकथा ‘बेयरफुट कोच’ में लिखा है कि श्रीसंत ने उनसे और राहुल द्रविड़ से बदतमीजी थी, इसके बाद उन्हें आईपीएल के छठे सीजन में चेन्नै सुपर किंग्स (CSK) की टीम से बाहर कर दिया गया था।

37 वर्षीस श्रीसंत ने हालांकि अप्टन के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने कभी द्रविड़ से बहस नहीं की थी। श्रीसंत ने कहा, ‘मैं राहुल द्रविड़ जैसे सम्मानित इंसान के साथ बदतमीजी करने के बारे में सोच भी नहीं सकता हूं। वह भारत के महान कप्तान में से एक हैं। मैं इसलिए गुस्से में था क्योंकि मुझे चेन्नै सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ मैच में शामिल नहीं किया गया था। मैंने उनसे इसकी वजह भी पूछी थी।’

उन्होंने कहा, ‘हां, मैं चेन्नै सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ खेलना चाहता था, उनके खिलाफ जीतना चाहता था लेकिन मुझे समझ नहीं आया कि मुझे उनके खिलाफ बाहर क्यों रखा गया। डरबन में खेले गए मुकाबले में मैंने धोनी का विकेट लिया था।’

पूर्व तेज गेंदबाज ने कहा, ‘उस मैच के बाद मुझे कभी चेन्नै सुपर किंग्स के खिलाफ खेलने का मौका नहीं मिला। मुझे टीम मैनेजमेंट ने कभी इसकी वजह भी नहीं बताई।’ श्रीसंत ने कहा, ‘मैं धोनी और चेन्नै सुपरकिंग्स से नफरत नहीं करता हूं, लेकिन मुझे चेन्नै सुपर किंग्स की जर्सी पसंद नहीं है। उनकी जर्सी मुझे ऑस्ट्रेलियाई टीम की याद दिलाती है।’

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