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रविंद्र जडेजा की आकर्षक पारी के बावजूद भारत को शीर्ष क्रम की नाकामी के कारण विश्व कप सेमीफाइनल में बुधवार को यहां टीवी के हाथों 18 रन से हार का सामना करना पड़ा जिससे उनका क्रिकेट महाकुंभ में सफर भी समाप्त हो गया। भारत के सामने 240 रन का लक्ष्य था, लेकिन शीर्ष क्रम बुरी तरह लड़खड़ा गया और जडेजा (59 गेंदों पर 74) और महेंद्र सिंह धौनी (72 गेंदों पर 50) ने सातवें विकेट के लिए 116 रन जोड़कर मैच को आखिरकार जीवंत बनाये रखा। भारत ने हालांकि अंतिम चार विकेट 13 रन के अंदर गंवा दिए और इस तरह से लगातार दूसरे बार फाइनल में जगह बनाने में सफल रहा।

इसी के साथ न्यूजीलैंड लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंची है। उसने 2015 विश्व कप में भी फाइनल खेला था। फाइनल में न्यूजीलैंड का सामना आस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच गुरुवार को खेले जाने वाले दूसरे सेमीफाइनल मैच की विजेता से होगा। मैनचेस्टर में कीवी टीम का यह तीसरा सेमीफाइनल है जिसमें से दो में उसे हार जबकि यह उसकी पहली जीत है।

वहीं भारत लगातार दूसरी बार सेमीफाइनल में हार कर विश्व कप से बाहर हुई है। 2015 में आस्ट्रेलिया ने सेमीफाइनल में भारत को हराया था। यह सेमीफाइनल मैच मंगलवार को खेला जाना था लेकिन बारिश के कारण पूरा नहीं हो सका था इसलिए मैच को रिजर्व डे में पूरा कराया गया। मंगलवार के दिन जब मैच रुका तब न्यूजीलैंड का स्कोर पांच विकेट के नुकसान पर 46.1 ओवरों में 211 रन था। बुधवार को न्यूजीलैंड ने अपनी पारी पूरी की और 50 ओवरों में आठ विकेट के नुकसान पर 239 रन बनाए।

एक वक्त था जब टीम लगभग जीत की कगार पर थी और उसे 30 गेंदों में 52 रन बनाने थे और उसके हाथ में 5 विकेट थे। लेकिन उस वक्त धोनी एक-दो रन बनाने की कोशिश कर रहे थे और जडेजा को स्ट्राइक नहीं दे पा रहे थे, उसका असर यह हुआ कि अच्छी बल्लेबाजी कर रहे जडेजा तेजी से रन बनाने के चक्कर में विलियमसन को कैच दे बैठे। उसकी थोड़ी देर बाद खुद धोनी भी 72 गेंदों में 50 रन बनाकर रनआउट हो गए।

इन 4 बड़े कारणों से टीम इंडिया को मिली हार

1- टॉप ऑडर फ्लॉप

टॉप ऑर्डर के बल्लेबाजों से अच्छी शुरुआत की उम्मीद थी लेकिन उन्होंने निराश किया। रोहित शर्मा के रूप में टीम इंडिया को पहला झटका लगा। 1.3 ओवर में 4 बनाकर रोहित शर्मा आउट हुए। रोहित चार गेंद पर एक रन बनाकर आउट हुए। मैट हेनरी की गेंद पर टॉम लेथम ने उनका कैच लपका। लोकेश राहुल के रूप में टीम इंडिया का तीसरा विकेट गिरा। लोकेश राहुल महज 1 रन बनाकर आउट हुए। उन्हें मैट हैनरी ने आउट किया।

2- कोहली की निराशाभरी पारी-

कप्तान के रूप में कोहली के ऊपर बड़ी जिम्मेदारी और लोगों का भरोसा भी था। लेकिन उन्होंने अपने प्रदर्शन से बहुत ज्यादा निराश किया। ट्रेंट बोल्ट की गेंद पर विराट कोहली पवेलियन लौटे । 2.4 ओवर में 5 रनों पर भारत को दूसरा झटका था। विराट कोहली 6 गेंद पर 1 रन बनाकर आउट हुए। बोल्ट ने एलबीडब्ल्यू की अपील की, अंपायर ने आउट दिया, इसके बाद कोहली ने रिव्यू लिया और रिव्यू में उन्हें अंपायर के फैसले के हिसाब से आउट दिया गया। होकली के आउट होने को डाउटफुल माना जा रहा है।

3- मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाज भी नहीं चले-

रोहित शर्मा, कोहली और राहुल के आउट होने अच्छा खेलने की जिम्मेदारी मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाज ऋषभ पंत और दिनेश कार्तिक पर थी। लेकिन कार्तिन 6 बनाकर ही पवेलियन पहुंच गए और इस प्रकार टीम इंडिया का चौथा विकेट गिर गया। इसके बाद हार्दिक पांड्या और ऋषभ पंत की साझेदारी से टीम इंडिया का स्कोर 50 रन से ज्यादा तक पहुंचाया। हालांकि यह साझेदारी भी 46 रनों में ही सिमट गई। और आगे आने वाले बल्लेबाजों के लिए अच्छा स्कोर नहीं मिला जिससे कि वह कुछ कम दबाव के साथ खेल पाते।

4- जल्दबाजी में धोनी का रन आउट

धोनी को शुरुआत में हार्दिक पंड्या मिले जो जल्द ही पवेलियन पहुंच गए। इसके बाद धोनी का साथ देने पहुंचे रविंद्र जड़ेजा अच्छी पारी खेली और 77 रन बनाकर आउट हो गया। जड़ेजा और धोनी ने टीम इंडिया का स्कोर सम्मानजनक स्थिति में पहुंचाया, यहां तक की अब टीम इंडिया की जीत पूरी उम्मीद थी लेकिन जड़ेजा के बाद भुवनेश्वन कुमार धोनी का साथ देने आए लेकिन जल्दबाजी के चलते उनकी जोड़ी ज्यादा देर नहीं टिक पाई और धोनी ने रन आउट होकर अपना विकेट गंवा दिया।

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