ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को एशेज सीरीज-2021 के पहले टेस्ट मैच में नौ विकेट से हरा दिया और आईसीसी ने भी इंग्लैंड को करारा झटका दिया है.

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए ब्रिस्बेन टेस्ट में इंग्लैंड के लिए कुछ भी सही नहीं रहा। पहले कंगारुओं ने इंग्लिश टीम को नौ विकेट से रौंदा। उसके बाद रही सही कसर आईसीसी ने पूरी कर दी। इस मैच में इंग्लैंड के गेंदबाजों ने धीमी ओवर रेट से गेंदबाजी की। जिसके चलते आईसीसी ने इंग्लिश खिलाड़ियों पर 100 फीसदी मैच फीस का जुर्माना ठोका। इतना ही नहीं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में इंग्लैंड के पांच अंक भी काट लिए। अब इंग्लिश टीम नौ अंकों के साथ छठे स्थान पर है। जबकि उसका परसेंटेज ऑफ पॉइंट्स 15 हैं।

विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) के प्वाइंट्स सिस्टम के तहत मैच ड्रॉ होने पर दोनों टीमों को 4-4 अंक दिए जाते हैं. लेकिन अब सजा के तौर पर दोनों टीमों को सिर्फ 2-2 अंक ही मिलेंगे.

बता दें कि पांच मैचों की सीरीज का पहला मैच बारिश से प्रभावित रहा था और ड्रॉ पर समाप्त हुआ था. बारिश के कारण पांचवें दिन का खेल नहीं हो पाया था. टीम इंडिया को आखिरी दिन जीत के लिए 157 रन चाहिए थे और उसके 9 विकेट शेष थे.

मैच रैफरी क्रिस ब्रॉड ने दोनों टीमों पर यह जुर्माना इसलिए लगाया. क्योंकि नॉटिंघम टेस्ट में दोनों ही टीमों ने तय वक्त के भीतर 2-2 ओवर कम फेंके थे. आईसीसी के कोड ऑफ कंडक्ट के आर्टिकल 2.22 के मुताबिक, अगर टीम तय समय में निश्चित ओवर नहीं फेंकती है, तो उसपर और खिलाड़ियों पर जुर्माना लगाया जाता है. हर कम ओवर के लिए खिलाड़ियों पर मैच फीस का 20 फीसदी जुर्माना लगता है.

इसके अलावा, आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप की प्लेइंग कंडीशन के अनुच्छेद 16.11.2 के मुताबिक, टीम पर हर शॉर्ट ओवर के लिए 1 अंक का जुर्माना लगाया जाता है. भारत और इंग्लैंड दोनों ने अपने निर्धारित समय में दो-दो ओवर कम फेंके थे. इसी वजह से दोनों टीमों के 2-2 अंक काट दिए गए.

ट्रेविस हेड पर भी लगा जुर्माना

इसके साथ ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज ट्रेविस हेड आईसीसी आचार संहिता के स्तर एक के उल्लंघन के लिए मैच फीस का 15 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है। हेड ने खिलाड़ियों एवं टीम के सहयोगी सदस्यों के आईसीसी आचार संहिता के अनुच्छेद 2.3 का उल्लंघन किया था, जो किसी अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान अपशब्दों (अभद्र भाषा) के इस्तेमाल से जुड़ा है।