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के विकेटकीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी ने वेस्टइंडीज दौरे से अपना नाम वापस ले लिया था। इसी वजह से उन्हें कुछ दिन पहले घोषित हुई टीम में नहीं चुना गया। वह भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल हैं और सेना के साथ जुड़ने के लिए ही उन्होंने विंडीज नहीं जाने का फैसला किया है। उनके सेना के साथ रहने के अनुरोध को अनुमति भी मिल गयी थी।

महेंद्र सिंह धोनी 31 जुलाई से जुड़ेंगे

महेंद्र सिंह धोनी 31 जुलाई को अपने बटालियन से जुड़ेंगे। भारतीय सेना की तरफ से जारी किये गये बयान में इसके बारे में जानकारी दी गयी है। वह 15 अगस्त तक बटालियन में रहेंगे। बयान में कहा गया है

“लेफ्टिनेंट कर्नल (मानद) एमएस धोनी को बटालियन के साथ रहने को भेज दिया गया है। वह 31 जुलाई से 15 अगस्त 19 तक 106 टीए बटालियन (पैरा) के साथ कश्मीर में रहेंगे। जैसा कि अधिकारी द्वारा अनुरोध किया गया है और सेना मुख्यालय द्वारा अनुमोदित है। वह पेट्रोलिंग, पहरेदारी और पोस्ट ड्यूटी के कामों को करेंगे और सैनिकों के साथ रहेंगे।”

2011 में मिली थी उपाधि

महेंद्र सिंह धोनी को साल 2011 में भारतीय सेना की तरफ से लेफ्टिनेंट कर्नल की उपाधि मिली थी। उनके साथ ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाले और दीपक राव को भी यह उपाधि मिली थी।

आगरा ट्रेनिंग सेंटर में पांच पैराशूट प्रशिक्षण कूद पूरी करने के बाद 2015 में धोनी पैराट्रूपर बन गए थे। वह समय समय पर भारतीय सेना के लिए अपना प्यार और लगाव दिखा चुके हैं।

भारतीय टीम ने पहनी थी कैप

भारतीय टीम के खिलाड़ियों ने इसी साल रांची में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में आर्मी की कैप पहनी थी। इसके लिए आईसीसी की तरफ से अनुमति भी ली गयी थी। माही ने खुद खिलाड़ियों को ये कैप दी थी।

विश्व कप 2019 के अपने पहले मैच में वह दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जो कीपिंग ग्लव्स पहनकर उतरे उसपर बलिदान का चिन्ह बना था। हालाँकि, यह आईसीसी की नियम के खिलाफ था और अगले मैच से उन्हें हटाने के आदेश मिल गया था।

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