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टीम इंडिया अब वेस्टइंडीज दौरे पर जाने वाली है। वहां टी-20 और वनडे सीरीज के बाद दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जानी है। रिषभ पंत को बतौर विकेटकीपर बल्लेबाज सभी फॉर्मेट में शामिल किया गया है। हालांकि, अगर वे टी-20 और वनडे फॉर्मेट में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए तो टेस्ट टीम की प्लेइंग-11 में उन्हें जगह मिलने में मुश्किल हो सकती है। चलिए जान लेते हैं इसका कारण क्या है।

फॉर्म में आया उनका प्रतिद्वंद्वी

भारत-ए टीम अभी वेस्टइंडीज दौरे पर है। अभी वहां चल रहे पहले अनऑफिशियल टेस्ट मैच में रिद्धिमान साहा ने 61 रनों की पारी खेलकर भारत-ए को पहली पारी में बढ़ दिलाई। दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक साहा नाबाद थे। वे अपनी पारी को और भी बढ़ा सकते हैं।

लंबे समय बाद फिट हुए हैं साहा

टेस्ट क्रिकेट में टीम इंडिया के नियमित विकेटकीपर रहे रिद्धिमान साहा करीब 18 महीने चोटिल रहने के बाद फिट हुए हैं। उन्हें भी रिषभ पंत के साथ टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम में रखा गया है। हालांकि, चयनकर्ताओं का कहना है कि पंत टीम के नंबर-1 विकेटकीपर होंगे और साहा विकल्प के तौर पर टीम में हैं।

पंत को धैर्य दिखाना होगा

रिषभ पंत बेहद टैलेंटेड बल्लेबाज हैं। लेकिन, कई बाद वे धैर्य खो देते हैं और खराब शॉट खेलकर विकेट गंवा देते हैं। अगर वेस्टइंडीज दौरे पर भी बार-बार ऐसा हुआ तो साहा टेस्ट सीरीज में प्लेइंग इलेवन में उनकी जगह ले सकते हैं। पंत को सावधान रहना होगा।

दोस्तों, आपका क्या मानना है? टेस्ट क्रिकेट में कौन बेहतर विकेटकीपर-बल्लेबाज होगा, पंत या साहा? अपनी

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