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एमएस धोनी ने अपने प्रोफेशनल क्रिकेट करियर की शुरुआत सन 1998 में बिहार अंडर-19 टीम से की. 1999-2000 में धोनी ने बिहार रणजी टीम में खेलकर अपना पदार्पण किया. देवधर ट्रॉफी, दिलीप ट्रॉफी और इंडिया “ए” में केन्या टूर में किये गए प्रदर्शन की बदौलत उन पर राष्ट्रीय टीम चयन समीति ने ध्यान दिया. सन 2004 के दौरे में धोनी को आखिरकार भारतीय टीम से खेलने का मौका मिल गया था.

विश्व कप के बाद नहीं किया हैं संन्यास का ऐलान

विश्व कप से पहले अटकले लगाई जा रही थी, कि एमएस धोनी विश्व कप के बाद संन्यास का ऐलान कर सकते हैं, लेकिन ऐसा अबतक नहीं हुआ है. धोनी ने अपने संन्यास का कोई अधिकारिक ऐलान नहीं किया है.

बता दें, कि एमएस धोनी संन्यास लेने के सबूत विश्व कप में देते आये थे. उन्होंने पहले ही अपने परिवार को इंग्लैंड बुला लिया था. वहीं वह 2-3 अलग-अलग कंपनी के बल्लों से खेल रहे थे.

धोनी के मैनेजर से इसके बारे मे पूछा गया, तो उन्होंने बताया था, कि धोनी दो बल्ले उन लोगों को शुक्रिया करने के लिए बदलते हैं, जिन्होंने उनके बुरे समय मे उनका साथ दिया था. मैनेजर ने बताया कि धोनी इन दोनों ही स्पोंसर्स से एक भी रुपया नहीं लेते हैं. वो सिर्फ आभार व्यक्त कर रहे हैं. हालांकि, इन तमाम सबूतों के बावजूद अबतक एमएस धोनी ने क्रिकेट से संन्यास नहीं लिया है.

माता-पिता नहीं चाहते, कि धोनी खेले अब क्रिकेट

एमएस धोनी के माता-पिता नहीं चाहते है, कि एमएस धोनी अब वापस क्रिकेट खेले. दरअसल, एमएस धोनी के बचपन के कोच केशव बनर्जी ने अपने एक बयान में बताया है, कि वह उनके माता-पिता से मिलकर आये थे और वह नहीं चाहते हैं, कि धोनी अब वापस क्रिकेट के मैदान पर उतरे.

धोनी को अब क्रिकेट छोड़ देना चाहिए

स्पोर्ट्सतक को दिए गए एक वीडियो इंटरव्यू में एमएस धोनी के बचपन के कोच केशव बनर्जी ने कहा,

उन्होंने यह कहकर विरोध किया और कहां, कि अब बेहतर है, कि वह इस बड़े घर की देखभाल करे. मैंने कहा कि जब आपने लंबे समय तक घर की देखभाल की है, तो एक और साल इंतजार करें.”

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