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विश्व कप 2019 के फाइनल में नाटकीय ढंग से इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को हरा दिया। मैच टाई होने के बाद हुआ सुपर ओवर भी टाई हो गया। इसके बाद ज्यादा बाउंड्रीज लगाने के आधार पर मेजबान इंग्लैंड टीम को विश्व कप 2019 का विजेता घोषित कर दिया गया।लेकिन अब इंग्लैंड की जीत पर सवाल उठने भी शुरू हो गए हैं।

दरसअल क्रिकेट नियमों की माने तो इंग्लैंड को विश्व कप जीताने में खराब अंपायरिंग की अहम भूमिका रही। मामला इंग्लैंड की पारी के 50वें ओवर का है।इंग्लैंड टीम को 3 गेंदों में 9 रन की दरकार थी। तब चौथी गेंद पर बेन स्टोक्स ने मिड विकेट की तरफ शॉट खेला और तेजी से एक रन लेने के बाद दूसरा रन पूरा करने के लिए स्ट्राइक एंड की तरफ डाइव लगा दी। तभी मार्टिन गुप्टिल का थ्रो आकर बेन स्टोक्स के बैट पर लगा और बॉल बाउंड्री पार चली गई। इससे इंग्लैंड को बिना कुछ किए चार अतिरिक्त रन (2+4 ओवर थ्रो) मिल गए थे। जो कि मैच का टर्निंग प्वाइंट बन गया।

आईसीसी के क्रिकेट के 19.8 नियम के मुताबिक यदि गेंद ओवरथ्रो पर बाउंड्री के पार चली जाए तो ओवरथ्रो से पहले लिए गए रनों में बाउंड्री के चार रन जुड़ जाएंगे। रन लेते समय रन का फायदा तभी मिलता है, जब बल्लेबाज ने थ्रो से पहले रन पूरा कर लिया हो या फिर थ्रो से पहले ही दोनों बल्लेबाज क्रॉस कर जाते हैं तभी उनको इसका फायदा मिलेगा। लेकिन आपको बता दें जब मार्टिन गुप्टिल ने थ्रो फेंकी, तब बेन स्टोक्स और आदिल रशीद ने दूसरे रन के लिए एक दूसरे को क्रॉस नहीं किया था। इस तरह इंग्लैंड को जहां दो रन मिले, वहां सिर्फ एक रन ही होना चाहिए था।ऐसे में इंग्लैंड टीम का स्कोर 50 ओवर में 240 रन होता और न्यूज़ीलैंड 1 रन से जीत जाती।

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