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जैसा कि आप सभी लोग जानते होंगे कि टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में हर देश काफी आगे बढ़ चुका है। क्रिकेट के खेल में भी तरह-तरह की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है। कोई भी गलती ना हो इसके लिए तरह-तरह की टेक्नोलॉजी अपनाई जा रही है। फिर भी अंपायर सही फैसला नहीं ले पा रहे हैं।

हमें विश्व कप 2019 में अंपायरों द्वारा कई गलत निर्णय देखने को मिले। इस वजह से कई टीमें मैच हार गई तो कुछ टीमों को भारी नुकसान हुआ। आज की इस पोस्ट में हम आपको एक ऐसे खिलाड़ी के बारे में बताने जा रहे हैं जो अंपायरों के निर्णय को हमेशा चैलेंज देते आया है। आइए जानते हैं उस खिलाड़ी के बारे में

मित्रों हम जिस खिलाड़ी के बारे में आपको बता रहे हैं वह कोई और नहीं बल्कि भारतीय टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी है। जैसा कि आप सभी लोग जानते होंगे कि महेंद्र सिंह धोनी हमेशा फील्डिंग करते वक्त विकेट के पीछे खड़े रहते हैं। महेंद्र सिंह धोनी बहुत ही अच्छे विकेटकीपर है जिन्होंने हमेशा अंपायरों के फैसलों को चैलेंज किया है। महेंद्र सिंह धोनी की शातिर नजरों से बच पाना हर किसी के लिए मुश्किल है।

लोग डीआरएस को धोनी रिव्यू सिस्टम बताते हैं। जब से डीआरएस नियम लागू हुआ है तब से धोनी ने अंपायरों के निर्णय को चुनौती दी है। जब से विराट कोहली भारतीय टीम के कप्तान बने हैं तो वे डीआरएस लेने के लिए सबसे पहले महेंद्र सिंह धोनी से सलाह लेते हैं। यदि धोनी हां करते हैं तो ही विराट कोहली डीआरएस लेते हैं। बता दें कि अब तक धोनी द्वारा लिए गए डीआरएस 78% सही साबित हुए।

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