खिलाड़ी ही नही, भारत मे क्रिकेट अंपायर, रेफरी और पिच क्यूरेटर पर भी होती है पैसों की बरसात

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड हर साल अपने खिलाड़ियों पर करोड़ों-अरबों रुपये खर्च करता है। किसी दौरे पर होने वाले खर्च, मैच फीस के अलावा वह अपने खिलाड़ियों को मासिक वेतन भी देता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन खिलाड़ियों के अलावा मैच स्टाफ को भी वेतन और अन्य सुविधाएं दी जाती है और उनके वेतन की रकम भी काफी ज्यादा होती है। आइये हम आपको बताते हैं पूरे मैच स्टाफ की फीस के बारे मे।

अंपायर की सैलरी

क्रिकेट प्रेमियों के दिमाग मे सबसे ज्यादा उठने वाला सवाल होता है कि मैच मे करोड़ों रुपये फीस लेने वाले खिलाड़ियों के अलावा मैदान पर उनके आउट या नॉट आउट का निर्णय देने वाले अंपायर की फीस कितनी होती होगी? तो हम आपको बता दें कि बीसीसीआई के कुल 105 रिजर्व अंपायर है। जिनमें सबसे अच्छे 20 अंपायर्स को ‘टॉप 20 अंपायर’ की श्रेणी मे रखा जाता है। इन अंपायर्स को 40 हजार रुपये प्रतिदिन दिये जाते हैं। इसके अलावा एक टी-20 मैच के लिए अब 20 हजार रुपये अलग से दिये जाएँगे, जबकि पहले ये राशि 10 हजार रुपये थी।

ज़ोनल क्यूरेटर

पिच से जुड़ी सारी जानकारी पिच क्यूरेटर के पास होती है। पिच कैसी होगी, किसको मदद करेगी और कितने ओवर के बाद पिच किस तरह से अपना रुख बदलेगी, ये सारी जानकारी पिच क्यूरेटर के पास होती है। प्रशासकों की समिति ने 5 ज़ोनल क्यूरेटर का वेतन प्रति वर्ष 12 लाख निर्धारित कर दिया है, जबकि पहले यह राशि इसकी आधी यानि 6 लाख रुपये थी।

मैच रेफरी

बीसीसीआई के पास वर्तमान मे कुल 58 रेफरी है, जो कि प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलने वाले पूर्व खिलाड़ी है। टी-20 मैचों के अतिरिक्त इन लोगों को मिलने वाली फीस 30,000 रुपये प्रतिदिन है। जी हाँ, प्रतिदिन। इसके अलावा ट्वेंटी-20 मैचों के मामले मे फीस अब 7500 रुपये से बढ़ाकर 15 हजार रुपये प्रति मैच कर दी गयी है।

मैच स्कोरर की फीस

किसी भी मैच मे मैच स्कोरर का काम सबसे ज्यादा ज़िम्मेदारी वाला होता है। बीसीसीआई के पास 153 रजिस्टर्ड स्कोरर है, जिनका काम मैच के आंकड़ों को एकत्र करना होता है। उदाहरण के लिए, मैच स्कोरर का काम यह बताना होता है कि किस खिलाड़ी ने कितने रन और विकेट लिए हैं और कितने मैच खेले हैं इत्यादि। इनकी फीस प्रतिदिन 10,000 रुपये होती है।

वीडियो एनालिस्ट

वीडियो एनालिस्ट अपनी और विपक्षी टीम के मैच का वीडियो एनालिसिस करके ये बताता है कि किस टीम के किस गेंदबाज और बल्लेबाज की क्या कमियाँ और क्या उसकी स्ट्रेन्थ है। इसके अलावा वीडियो एनालिस्ट मैच खेलने की रणनीति बनाने मे भी टीम के कप्तान और कोच की मदद करता है। बीसीसीआई ने सीनियर वीडियो एनालिस्ट के लिए 15 हजार रुपये प्रतिदिन की फीस निर्धारित की है, वही असिस्टेंट वीडियो एनालिस्ट को 10 हजार रुपये प्रतिदिन का भुगतान किया जाता है।

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