कार्तिक,जाधव खराब खेल से हुए बाहर तो विराट को कप्तानी फिर क्यों?

विश्व कप के सेमीफाइनल में भारतीय टीम हार अभी तक हजम नहीं हो रही है। उस हार के बाद किसी के खिलाफ कार्रवाई करना तो दूर उल्टा तोहफे के रूप में पद देने की होड़ चल रही है। इस होड़ को लेकर पूर्व दिग्गज खिलाड़ी ने सेलेक्टर्स को आड़े हाथों लिया है। टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के अनुसार पूर्व दिग्गज खिलाड़ी और कमेंटेटर सुनील गावस्कर ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि विश्व कप में हार के बाद विराट कोहली को जिस तरह से तीनो फार्मेट का कप्तान नियुक्त किया गया है, उससे कई गंभीर सवाल उठते हैं।

क्या विश्व कप की हार की समीक्षा की गई और इस हार के लिए कौन जिम्मेदार है, उसे पहचाना गया? क्या किसी तरह की बैठक में विचार विमर्श के बाद विराट कोहली को कप्तान सौंपी गई? इन सवालों के साथ उन्होंने सेलेक्टर्स को कठपुतली की संज्ञा देते हुए आलोचना की है। एक वेबसाईट में प्रकाशित अपने लेख में उन्होंने लिखा है कि अगर चयनकर्ता वेस्ट इंडीज दौरे के लिए कप्तान का चयन बिना किसी मीटिंग के हीकर लिया है तो यह सवाल उठता है कि क्या कोहली अपनी बदौलत टीम के कप्तान है या फिर चयन समिति की खुशी के कारण।

रिपोर्ट के अनुसार गावस्कर ने लिखा कि चयन समिति में बैठे लोग कठपुतली हैं। पहले कप्तान की नियुक्ति के बाद कोहली को मीटिंग में टीम को लेकर अपने विचार रखने के लिए बुलाया गया। निर्धारित प्रक्रिया को बाईपास करने से यह संदेश गया कि केदार जाधव और दिनेश कार्तिक को खराब प्रदर्शन के लिए टीम से बाहर कर दिया गया लेकिन विश्व कप की हार के लिए कप्तान को बख्श दिया गया जबकि ये दोनों खिलाड़ी कप्तान की ही पसंद के थे।