कभी टीम इंडिया की जीत की गारंटी समझा जाता था यह धुरंधर, अब नहीं मिल पा रही है टीम में जगह

भारतीय टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने अपनी कप्तानी में टी-20 वर्ल्ड कप 2007, वर्ल्ड कप 2011 और चैंपियन ट्रॉफी का खिताब भारत की झोली में डाल चुके हैं। लेकिन भारतीय टीम की जीत की गारंटी समझे जाने वाले महेंद्र सिंह धोनी काफी लंबे वक्त से टीम इंडिया से बाहर हैं।

महेंद्र सिंह धोनी ने अपना आखिरी अंतर्राष्ट्रीय मुकाबला जुलाई 2019 में वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के विरुद्ध खेला था। इस मैच में धोनी ने 50 रनों की पारी खेली थी। हालांकि भारतीय टीम को जीत नहीं दिला सके थे। धोनी दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से रन आउट हो गए थे।

इसके बाद से महेंद्र सिंह धोनी टीम इंडिया से बाहर है। खबर के अनुसार शुरुआती के एक-दो सीरीजों में महेंद्र सिंह धोनी ने खुद ना खेलने की इच्छा जताई थी। लेकिन अब धोनी को टीम में जगह नहीं मिल पा रही है। जनवरी में होने वाले श्रीलंका के खिलाफ टी-20 और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में भी धोनी को जगह नहीं मिली।

इस बारे में जब श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टीम चयन के बाद मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद से पूछा गया तो उन्होंने इस पर कुछ भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा -भारतीय टीम में जगह बनाने से पहले धोनी को घरेलू मैचों में खेलना होगा। अब धोनी की वापसी भारतीय टीम में होगी या नहीं इस पर संशय है।

धोनी के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर पर नजर डाली जाए तो इन्होंने 90 टेस्ट मैचों में 4876, 350 वनडे मैचों में 10773 रन और 98 टी-20 मैचों में 1617 रन बनाए हैं। इसके अलावा महेंद्र सिंह धोनी 190 आईपीएल मैचों में 42.21 के अवसर से 4432 रन बनाए हैं।

मित्रों टी-20 वर्ल्ड कप में बतौर विकेटकीपर बल्लेबाज किसे भारतीय टीम में जगह मिलनी चाहिए।

ऋषभ पंत

महेंद्र सिंह धोनी

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