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आईसीसी क्रिकेट विश्व कप 2019 का पहला सेमीफाइनल मैच न्यूजीलैंड और भारत के बीच मैनचेस्टर में खेला गया। इस मैच में न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियमसन ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया और पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड की टीम ने निर्धारित 50 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 239 रनों का स्कोर खड़ा किया।

इस लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और टीम इंडिया ने एक समय पर अपने 4 विकेट मात्र 24 रन पर गंवा दिए थे। परंतु उसके बाद बल्लेबाजी करने के लिए आए हुए रविंद्र जडेजा ने 59 गेंद में 70 रन और महेंद्र सिंह धोनी ने 72 गेंदों में 50 रनों की पारी खेली। परंतु वह टीम इंडिया को जीत नहीं दिला सके।

इस मैच में न्यूजीलैंड की तरफ से 10 ओवर में 37 रन देकर तीन विकेट लेने वाले मैट हेनरी को मैच का मैन ऑफ द मैच चुना गया। इस मैच के समाप्त होने के बाद महेंद्र सिंह धोनी के रन आउट पर सवाल खड़े होने शुरू हो गए हैं। दरअसल इस मैच के दौरान भारतीय टीम को आखिरी 2 ओवरों में 31 रन चाहिए थे और महेंद्र सिंह धोनी ने फर्गुसन के पहले ही गेंद पर छक्का लगा दिया। परंतु इसके अगली गेंद पर वह तेजी से 2 रन लेने के प्रयास में मार्टिन गुप्टिल के सीधे थ्रो पर रन आउट हो गए।

क्रिकेट के मैदान पर हमेशा सबसे बेहतरीन रन चुराने के लिए मशहूर धोनी अपने कैरियर की शुरुआत में भी रन आउट हुए थे। धोनी के आउट होने के बाद भारतीय पारी जल्द ही सिमट गई। हालांकि मैच के बाद जब गौर से देखा गया तो जिस गेंद पर महेंद्र सिंह धोनी आउट हुए तो उससे पहले टीवी पर न्यूजीलैंड की फील्डिंग का ग्राफिक दिखाया गया। जिसमें 6 खिलाड़ी 30 गज के घेरे से बाहर खड़े दिखाई दे रहे हैं।

गौरतलब है कि आईसीसी के नियमों के अनुसार तीसरा पावरप्ले 41 से 50 ओवरों के बीच लागू होता है। जिसमें 5 से ज्यादा फील्डर 30 गज के घेरे से बाहर नहीं होने चाहिए। परंतु स्टार स्पोर्ट्स पर दिखाए गए इस लाइफ ग्राफिक्स के अनुसार उस गेंद पर छह खिलाड़ी घेरे से बाहर दिखाई पड़ रहे हैं। ऐसे में अंपायर को इसे नो बॉल करार देना चाहिए था। यदि अंपायर वह नो बॉल दे देते तो मैच का नतीजा कुछ भी हो सकता था।

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